* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
मिट्टी के बर्तन में जौ के बीज बोएं और नवमी तक प्रति दिन पानी का छिड़काव करें।
पूजा के लिए एक स्वच्छ और शांत स्थान चुनें। वहां गंगाजल का छिड़काव करके स्थान को पवित्र करें।
तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
बगलामुखी : ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय, जिव्हा कीलय, बुद्धिं विनाश्य ह्लीं ॐ स्वाहा:।
पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।
ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
गुप्त नवरात्रि के अनुष्ठान व्यक्ति के जीवन से संकट, आर्थिक कठिनाइयों और मानसिक तनाव को दूर करने में सहायक होते हैं।
गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा
चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,
घट स्थापना करें: मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.
गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार here का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।